टोनर यील्ड क्या होता है?
टोनर यील्ड का अर्थ है कि एक लेज़र प्रिंटर का टोनर कार्ट्रिज औसतन कितने पेज प्रिंट कर सकता है। इसे पेज क्षमता भी कहा जाता है। यदि किसी टोनर कार्ट्रिज पर 2,000 Pages Yield लिखा है, तो इसका मतलब है कि वह सामान्य परिस्थितियों में लगभग 2,000 पेज प्रिंट करने में सक्षम है।
टोनर यील्ड का अनुमान आमतौर पर 5% पेज कवरेज के आधार पर लगाया जाता है। इसका अर्थ है कि एक पेज का केवल 5% हिस्सा टेक्स्ट या ग्राफिक्स से भरा हुआ माना जाता है। यदि आप अधिक टेक्स्ट, बड़े चित्र, रंगीन ग्राफिक्स या गहरे प्रिंट निकालते हैं, तो टोनर जल्दी समाप्त हो सकता है और वास्तविक प्रिंट संख्या कम हो जाएगी।
टोनर यील्ड की जानकारी उपयोगकर्ताओं को यह समझने में मदद करती है कि एक कार्ट्रिज कितने समय तक चलेगा और प्रति पेज प्रिंटिंग की लागत (Cost Per Page) कितनी होगी। अधिक यील्ड वाले टोनर कार्ट्रिज की शुरुआती कीमत भले ही अधिक हो, लेकिन लंबे समय में वे अधिक किफायती साबित होते हैं क्योंकि उनसे अधिक पेज प्रिंट किए जा सकते हैं। यदि आप घर, कार्यालय या व्यवसाय के लिए टोनर खरीद रहे हैं, तो केवल कीमत ही नहीं बल्कि टोनर यील्ड को भी अवश्य देखें। इससे सही कार्ट्रिज चुनने, प्रिंटिंग खर्च कम करने और बेहतर प्रिंटिंग अनुभव प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
उदाहरण :
1000 Pages
1500 Pages
2000 Pages
3000 Pages
वास्तविक पेज यील्ड आपके प्रिंट के प्रकार, टेक्स्ट, चित्र और कवरेज पर निर्भर करती है।
टोनर यील्ड का अर्थ है कि एक टोनर कार्ट्रिज से अनुमानित कितने पेज प्रिंट किए जा सकते हैं। दूसरे शब्दों में यह टोनर कार्ट्रिज की प्रिंटिंग क्षमता को प्रदर्शित करता है। टोनर खरीदते समय बॉक्स पर अक्सर लिखा होता है, जैसे "1500 Pages", "3000 Pages" या "5000 Pages"। इसका मतलब यह है कि सामान्य परिस्थितियों में वह टोनर लगभग उतने पेज प्रिंट कर सकता है। टोनर यील्ड की गणना अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जाती है। इन परीक्षणों में आमतौर पर 5% पेज कवरेज को आधार माना जाता है। इसका मतलब है कि एक पेज का केवल लगभग 5% हिस्सा टेक्स्ट या चित्र से भरा होता है। यदि आप सामान्य टेक्स्ट वाले दस्तावेज़ प्रिंट करते हैं, तो टोनर लगभग उतने ही पेज प्रिंट कर सकता है जितना कंपनी बताती है।
जबकि वास्तविक टोनर यील्ड कई बातों पर निर्भर करती है। यदि आप बड़े फ़ॉन्ट, मोटे अक्षर, ग्राफ़िक्स, चार्ट या अधिक तस्वीरों वाले दस्तावेज़ प्रिंट करते हैं, तो टोनर जल्दी समाप्त हो सकता है। दूसरी और यदि आप केवल साधारण टेक्स्ट प्रिंट करते हैं, तो टोनर अधिक समय तक चल सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी टोनर कार्ट्रिज की यील्ड 2000 पेज लिखी है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्थिति में ठीक 2000 पेज ही प्रिंट होंगे। यदि आप अधिक काले रंग या ग्राफ़िक्स वाले दस्तावेज़ प्रिंट करेंगे, तो यह संख्या कम हो सकती है। टोनर यील्ड को बढ़ाने के लिए Draft Mode या Toner Save Mode का उपयोग किया जा सकता है। इससे कम टोनर खर्च होता है और कार्ट्रिज की आयु बढ़ जाती है। साथ ही केवल आवश्यक दस्तावेज़ ही प्रिंट करें और अनावश्यक प्रिंटिंग से बचें।

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